उर्दू जियो वर्झ़न

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Last updated August 28, 2017

उर्दू किताब को क्यूँ हिंदी रस्म-उल-ख़त में शाए किया जाए? गो ये तर्जुमा पाकिस्तान में तय्यार किया गया ताहम भारत में लातादाद क़ारी ज़्यादा रवानगी से हिंदी पढ़ सकते हैं। ये पेश-ए-नज़र रख कर उर्दू जियो वर्झ़न देवनागरी में भी शाए हुआ है।

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किताब-ए मुक़द्दस


तौरेत


तारीख़ी स़हाइफ़


सहाइफ़-ए हिकमत और ज़बूर


सहाइफ़-ए अन्बिया


इंजील-ए मुक़द्दस